Tuesday, May 5, 2009

शिस्टाचार या भ्रस्टाचार

देश की सभी समस्याओ की जड़ भ्रस्टाचार है । चाहे वह राजनितिक हो ,व्यापर हो सिक्षा हो, सरकारी दफ्तर हो सभी भ्रस्तचार में लिप्त है । आज किसी भी सरकारी दफ्तर में जाए तो बिना सुविधा शुल्क दिए आपका कोई कम नही होने वाला होगा .कोई भी नेता कभी अपने भाषण में यह नही कहता कि मैं भ्रष्टाचार को समाप्त कर दूंगा। बस यही कहेंगे कि ५ साल उसने क्या किया ,इस बार मुझे सेवा करने का मौका दे । इन शब्दों से तो ऐसा प्रतीत होता है कि ५ साल उसने लुटा ,इस बार मुझे लुटने का मौका दीजिये ,मैं देश को अविकास कि और ले जाऊंगा .अब तो देश कि जनता को विकास चाहिए या अविकास फ़ैसला उनके हाथो में ......................................?

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