आज अगर गांधीजी जिन्दा होते तो शायद यही सोचते कि देश तो अपना हो गया है लेकिन लोग पराये हो गए है।
गांधीजी जिन्होंने देश को आजाद कराने में अपनी प्राणों की आहुति दे दी । जिन्होंने देश को सत्य और अहिंसा के बदौलत अंग्रेजो को भारत से भगाया । उन्होंने देश को बचाने के खातिर न जाने कितनी बार अनशन का रास्ता अपनाया ,न जाने कितनी बार जेल गए । आज उन्ही के देश में सत्य और अहिंसा ये सब ख़त्म होते जा रहे है। वो देश को शांतिमय बनाना चाहते थे ,मगर उनके जाते ही उनके इस सपने को तोडा जाने लगा और चारो तरफ़ अशांति फैलने लगी। गाँधी जी जिनका नाम सुनकर ही उनके ज़माने के लोग बुराई छोड़कर सत्य की तरफ़ चले जाते थे ,लेकिन आज लोग उन्ही का नाम इस्तेमाल करते है और सामने वाले से यह कहते है की हमें हरे हरे नोट चाहिए जिसमे गांधीजी छपे हो । लोंग आज उन्ही के फोटो के सामने रिशवत लेते है देते है और सामने दीवार पर टंगे उनकी तस्वीर यह सब देखकर मुस्कुराती है शायद वो अपने आप पे हस्ते है की ये मुझसे क्या हो गया । मैं तो चाहता था की लोंग बिना की स्वार्थ के लोगो की सेवा करे लेकिन यहाँ तो बिना नोट के कोई किसी की मदद नही करता है । सब कुछ तब भी ठीक चल रहा था की अचानक एक दिन ख़बर आई की गांधीजी की नीलामी हो रही है अब लोंग उनको नीलाम करने की तैयारी में लगे हुए है , फिर बाद में पता चला की उनके कुछ सामान है जिनकी बोली लगने जा रही है ।
सुनकर बहुत दुःख हुआ की जिसने अकेले दम पर देश को लुटने से बचाया , आज वही देश मिलकर एक अकेले व्यक्ति का नाम नही बचा प् रही है, यह हमारे देश के लिए बड़ी शर्म की बात है ।

aaj desh ko yuvao ki jarurat hai
ReplyDeleteaapne bilkul sahi likha hai , aaj log gandhiji ko bhulte ja rahe hai unke naam aur kaam ka galat istemal ho raha hai .
ReplyDelete